छिंदवाड़ा (लगी क्या)। शहर और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों का जाल दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। प्रशासनिक सख्ती के तमाम दावों के बावजूद कॉलोनाइजरों के हौसले बुलंद हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है गुरैया के उसरिया क्षेत्र में, जहां लेखराम नामक कॉलोनाइजर ने एसडीएम कार्यालय से मिले नोटिस को नजरअंदाज करते हुए ढाई एकड़ में अवैध कॉलोनी काट डाली और अब तक 60 से अधिक प्लॉट बेच भी दिए हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लेखराम के पास न तो कोई कॉलोनाइज़र लाइसेंस है, न ही विकास योजना की अनुमति, और न ही रेरा से पंजीयन। इसके बावजूद प्लॉटों की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। ऐसा प्रतीत होता है मानो उसे प्रशासन का कोई डर ही नहीं है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस अवैध कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं – न नाली, न बिजली का उचित प्रबंध, और न ही पीने के पानी की व्यवस्था। बावजूद इसके भोले-भाले लोग प्लॉट खरीदने के झांसे में आ रहे हैं।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल-
एसडीएम कार्यालय द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन की मिलीभगत से ही ये खेल चल रहा है?
यदि जल्द ही इस अवैध कॉलोनी पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में यह क्षेत्र न केवल अव्यवस्थित शहरीकरण का उदाहरण बनेगा, बल्कि आम जनता के साथ धोखाधड़ी के अनेक मामले भी सामने आ सकते हैं।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
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