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चार महीने भी नहीं टिक पाया करोड़ों का काम ! भरभरा के गिरा मंदिर का गुंबद

जाम सांवली हनुमान मंदिर निर्माण पर उठे सवाल, टूट-फूट के बाद कच्ची मरम्मत से लीपापोती

छिंदवाड़ा (लगी क्या)। आस्था के बड़े केंद्र जाम सांवली हनुमान मंदिर में निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। निर्माण कार्य को पूरा हुए अभी चार-पांच महीने का समय भी ठीक से नहीं बीता, लेकिन परिसर में निर्माण की हालत देखकर जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
मंदिर में जिस हिस्से को हाल ही में तैयार किया गया था। उसमें मुख्य हॉल का गुंबद आज भरभराकर गिर गया, हालांकि इस हादसे में किसी भी श्रद्धालु को कोई चोट नहीं आई। लेकिन निर्माण कार्य की पोल जरूर खुल गई। जहां पहले से भी टूट-फूट के निशान साफ दिखाई देते आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि समस्या सामने आने के बाद उसके स्थायी और गुणवत्तापूर्ण समाधान के बजाय ऊपर से की गई कच्ची मरम्मत सवालों के घेरे में है।

जब करोड़ों की आस्था, तो निर्माण में कैसी लापरवाही ? –

जाम सांवली मंदिर सिर्फ एक भवन या निर्माण स्थल नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता गंभीर विषय है।
सीधा सवाल यह है कि अगर निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण था तो इतने कम समय में टूट-फूट की नौबत क्यों आई, और यदि निर्माण में कोई तकनीकी खामी नहीं थी, तो मरम्मत की जरूरत आखिर क्यों पड़ी।

जनता के सीधे सवाल-
मंदिर समिति के अध्यक्ष से अब जनता जानना चाहती है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी किस स्तर पर की गई। निर्माण की जिम्मेदारी किस एजेंसी या ठेकेदार की थी। काम की जांच किस अधिकारी या तकनीकी टीम ने की थी, और इतनी जल्दी सामने आई टूट-फूट के लिए आखिर जवाबदेही किसकी तय होगी ?
सवाल यह भी है कि क्या मरम्मत सिर्फ दिखावे के लिए की जा रही है या समस्या की जड़ तक जाकर स्थायी समाधान किया जाएगा।

मरम्मत नहीं, चाहिए जवाबदेही !-
मंदिर जैसे धार्मिक स्थल पर निर्माण कार्य में लापरवाही की गुंजाइश नहीं हो सकती। यहां खर्च होने वाला पैसा सिर्फ सरकारी या समिति का पैसा नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और सहयोग से जुड़ा हुआ है।
चार-पांच महीने में ही निर्माण जवाब देने लगे तो सवाल उठेंगे ही। अब जरूरत कच्ची मरम्मत पर पर्दा डालने की नहीं, बल्कि पूरे निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की हैं।

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

9424300567