Home CITY NEWS सरकारी डेयरी फार्म में ‘रिश्तेदारी राज’ !

सरकारी डेयरी फार्म में ‘रिश्तेदारी राज’ !

अफसर बने ठेकेदार, परिजन बने मजदूर… शासन को लाखों की चपत?

इमलीखेड़ा पशु प्रजनन प्रक्षेत्र में मजदूरी भुगतान के नाम पर वर्षों से खेल होने के आरोप, जिम्मेदारों की भूमिका पर उठे सवाल

छिंदवाड़ा (लगी क्या)। इमलीखेड़ा स्थित शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र (डेयरी फार्म) में मजदूरी भुगतान के नाम पर वर्षों से बड़े खेल की चर्चाएं तेज हैं। विभागीय सूत्रों का दावा है कि यहां जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने ही रिश्तेदारों के नाम पर मजदूरी का ठेका दिलवाया और उन्हीं परिवारों के लोगों को मजदूर के रूप में कार्य पर लगा दिया था। आरोप है कि इस पूरी व्यवस्था के जरिए शासन के खजाने को लाखों रुपये का नुकसान भी पहुंचाया गया।
सूत्रों के अनुसार, प्रक्षेत्र में वर्षों से एक ऐसा तंत्र काम कर रहा है, जिसमें ठेकेदार और मजदूर दोनों ही एक ही परिवार से जुड़े बताए जाते हैं। इससे मजदूरी भुगतान की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चर्चा यह भी है कि मजदूरी के नाम पर होने वाले भुगतान का वास्तविक लाभ सीमित लोगों तक ही पहुंच रहा है, जबकि सरकारी धन का लगातार दुरुपयोग करते हुए बंदरबाट की जा रही है।
बताया जाता है कि इस पूरे मामले की जानकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक भी है, लेकिन अब तक किसी स्तर पर प्रभावी जांच या कार्रवाई नहीं की गई। यही कारण है कि कथित गड़बड़ियों का सिलसिला वर्षों से बिना रोक-टोक जारी है।
यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और मजदूरी भुगतान के रिकॉर्ड, ठेका प्रक्रिया, मजदूरों की उपस्थिति तथा संबंधित दस्तावेजों का मिलान कराया जाए, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल विभागीय सूत्रों के दावों ने पशु चिकित्सा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

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