ट्राईसाइकिल की मांग पर संबंधित अधिकारी को कलेक्टर ने दिए निर्देश
छिंदवाड़ा (लगी क्या)। जनसुनवाई में अपनी समस्या लेकर पहुंचे एक दिव्यांग युवक की परेशानी देखकर कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय की पहली मंजिल पर जनसुनवाई चल रही थी। इसी दौरान दोनों पैरों से दिव्यांग युवक शंकर कहार अपनी शिकायत लेकर कार्यालय पहुंचा, लेकिन सीढ़ियां चढ़कर पहली मंजिल तक पहुंचना उसके लिए संभव नहीं था।
जब कलेक्टर को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने औपचारिकता निभाने के बजाय स्वयं जनसुनवाई से उठकर नीचे पहुंचे और दिव्यांग युवक से मुलाकात कर उसकी समस्या सुनी। कलेक्टर के इस कदम से मौके पर मौजूद लोगों ने भी उनकी संवेदनशीलता की सराहना की।
शंकर कहार ने कलेक्टर को बताया कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग है और उसके पास आवागमन का कोई समुचित साधन नहीं है। वह गुब्बारे बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। रोजमर्रा के कामकाज और आजीविका के लिए उसे ट्राईसाइकिल की सख्त आवश्यकता है।
युवक की समस्या सुनने के बाद कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने संबंधित अधिकारी को तत्काल निर्देश दिए कि शंकर कहार को नियमानुसार ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर का खुद सीढ़ियों से उतरकर दिव्यांग की फरियाद सुनना न केवल प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि जनसुनवाई का मकसद सिर्फ आवेदन लेना नहीं, बल्कि जरूरतमंद तक पहुंचकर उसकी समस्या का समाधान करना है।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
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