साइबर सेल नाकाम, कही संरक्षण में तो फरारी नहीं ?
छिंदवाड़ा/पांढुर्णा (लगी क्या) । शहर में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि नेशनल हाईवे स्थित भूमि ढाबे पर जानलेवा हमले के 17 दिन बीत जाने के बावजूद भी दो मुख्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। इससे न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं, बल्कि यह भी चर्चा का विषय बन गया है कि कहीं पुलिस ही इन आरोपियों को संरक्षण तो नहीं दे रही?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 13 अप्रैल 2025 की रात 10:30 बजे प्रणव आखरे और प्रतीक नामक युवक भोजन के लिए भूमि ढाबे पर पहुंचे थे। वहीं मौजूद रमेश दुबे से कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। रमेश दुबे ने अपने साथियों—सीटू उर्फ हर्षद पोपली, गोलू उर्फ प्रतीक दुबे और नीलेश कड़वे के साथ मिलकर दोनों युवकों की बेरहमी से पिटाई की। इस हमले में प्रणव को सिर पर गंभीर चोटें आईं।
घटना की शिकायत पीड़ितों द्वारा थाने में दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। दो आरोपियों—सीटू पोपली और गोलू दुबे को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया, लेकिन मुख्य आरोपी रमेश दुबे और नीलेश कड़वे अब भी फरार हैं।
शहर में चर्चा है कि फरार आरोपियों की पूरी जानकारी होने के बावजूद पुलिस उन्हें पकड़ने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही। सूत्रों के अनुसार, थाना प्रभारी के करीबी दो आरक्षक इन आरोपियों के मित्र बताए जा रहे हैं, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है कि पुलिस के कुछ तत्व जानबूझकर आरोपियों को संरक्षण दे रहे हैं।
यह भी हैरानी की बात है कि तकनीकी संसाधनों और साइबर सेल की मौजूदगी के बावजूद पांढुर्णा पुलिस अभी तक आरोपियों की लोकेशन ट्रेस नहीं कर पाई है। इससे यह प्रतीत होता है कि या तो पुलिस गंभीर नहीं है या फिर यह एक सुनियोजित संरक्षण का मामला बनता जा रहा है।
जनता में बढ़ रहा असंतोष :
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिस का यही रवैया रहा, तो अपराधियों के हौसले बुलंद होंगे और आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। अब देखना यह है कि उच्च अधिकारी इस मामले में संज्ञान लेते हैं या नहीं, या फिर एक और गंभीर मामला फाइलों में दबा रह जाएगा।
न्याय की मांग :
पीड़ित आखरे परिवार, कुंभी समाज और शहरवासी मांग कर रहे हैं कि फरार आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाए, साथ ही जिन पुलिसकर्मियों पर संरक्षण का आरोप है, उन पर भी निष्पक्ष जांच की जाए। जनता को न्याय मिले—यही समय की मांग है।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
9424300567





