बाबूगिरी कर रहे वनरक्षक ने बिछाई बिसात, नियमों को दरकिनार कर 13 कर्मचारियों की तैनाती बदली
छिंदवाड़ा (लगी क्या)। वन विभाग में नियम-कायदे ताक पर रखकर चुपके-चुपके पोस्टिंग का खेल खेले जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि दक्षिण वन मंडल को पांढुर्णा शिफ्ट किए जाने के बाद, भोपाल मुख्यालय से कर्मचारियों को नए मंडल में सेवाएं देने के आदेश जारी हुए थे। लेकिन इस बीच दक्षिण वन मंडल में पदस्थ एक वनरक्षक ने “बाबूगिरी” दिखाते हुए पूरा खेल पलट दिया।
सूत्रों के मुताबिक उक्त वनरक्षक ने अधिकारियों की मिलीभगत से 13 कर्मचारियों की मनचाही तैनाती करवा दी। बदले में प्रत्येक कर्मचारी से हजारों रुपए का चढ़ावा लिया गया। इस गुपचुप कार्रवाई की भनक न तो मुख्य वन संरक्षक को लगी और न ही भोपाल मुख्यालय को। मगर विभाग के भीतर अब यह मामला सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है।
बाबू ‘डी’ का कारनामा–
पांढुर्णा वन मंडल में पदस्थ वनरक्षक ‘डी’ विभाग में अब सबसे चर्चित नाम बन गया है। आरोप है कि उसने नियम-कायदों को ताक पर रखकर बाबू की भूमिका निभाई और कर्मचारियों की तैनाती अपनी मर्जी से कर डाली। इसके एवज में कर्मचारियों को सिर्फ “चढ़ावा” देना पड़ा, ताकि वे मनचाही जगह पर पदस्थ हो सकें।
विभागीय सूत्र मानते हैं कि इस पूरे खेल में अधिकारी भी आंखें मूंदे रहे, वरना बिना उनकी सहमति के ऐसा संभव ही नहीं था।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
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