छिंदवाड़ा : जनजातीय कार्य विभाग के तहत संचालित होने वाले सुकलूढाना स्थित सीनियर संयुक्त आदिवासी बालक छात्रावास का मामला सामने आया है, जिसने बच्चों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोप है कि छात्रावास अधीक्षक सुनील सोनी ने हॉस्टल में लगे कैमरे टूटने की घटना पर तीन बच्चों को बेरहमी से लकड़ी से पीटा और बाद में उन्हें हॉस्टल से भी निकाल दिया।
पीड़ित छात्र ने जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त को लिखित शिकायत सौंपी है। बच्चों का कहना है कि अधीक्षक बिना किसी पड़ताल के अचानक हॉस्टल पहुंचे और कैमरा टूटने की बात पर लगातार लकड़ी बरसाते रहे।
छात्रों का आरोप है कि बार-बार मना करने और अपनी सफाई देने के बावजूद अधीक्षक ने उनकी एक न सुनी और उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के साथ ही छात्रावास से बाहर निकाल दिया।
यह घटना न सिर्फ छात्रावास प्रबंधन पर प्रश्न खड़े करती है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर भी चिंता का विषय बन गई है। इस बात से यह साफ जाहिर होता है की क्षेत्र संयोजक द्वारा भी कभी हॉस्टल की मॉनिटरिंग नहीं की जाती है और न ही हॉस्टल, छात्रावास जाकर जांच की जाती है।





