पश्चिमी वन मंडल में घोटाले की परतें खुलने लगीं, विभाग में मचा हड़कंप
छिंदवाडा (लगी क्या)। पश्चिमी वन मंडल में हुए कथित वित्तीय घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। विभाग में पदस्थ एक चर्चित वन रक्षक पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप अब लगभग सिद्ध होते दिखाई दे रहे हैं!
सूत्रों के अनुसार, आरोपी वन रक्षक ने विभागीय खातों से लाखों रुपये अपने परिजनों और रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए हैं। कोषालय जांच टीम को इस संबंध में कई पुख्ता दस्तावेज और बैंक लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं।
कलेक्टर के आदेश पर गठित जांच समिति पिछले दो दिनों से वन मंडल कार्यालय में बैठकर बंद कमरे में रिकॉर्ड खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि जांच में करीब एक दर्जन अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिनमें कंप्यूटर ऑपरेटर से लेकर वनरक्षक और कुछ अधिकारी भी शामिल हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जांच पूरी होते ही संबंधित वन रक्षक सहित दोषी कर्मचारियों पर निलंबन और एफआईआर की कार्रवाई तय मानी जा रही है। इस खुलासे के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
सालों से पदस्थ लिपिक पर भी लगे गंभीर आरोप-
जांच के दौरान एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, शाखा में वर्षों से पदस्थ एक महिला कर्मी ने विभागीय कर्मचारी की जीपीएस राशि किसी अन्य व्यक्ति के खाते में शातिर तरीके से ट्रांसफर कर दी। जांच में यह बड़ी गड़बड़ी भी सामने आते ही कर्मचारियों में खलबली मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने महिला कर्मी को तत्काल स्थापना शाखा में पद से हटा दिया है।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
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