सरकारी सागौन गायब होने से मचा हड़कंप ! गंभीर आरोप के बाद भी शुरू नहीं हुई जांच
छिंदवाड़ा (लगी क्या) । बिछुआ वन परिक्षेत्र अधिकारी (उत्पादन) के पुराने सरकारी रेंजर निवास को डिस्मेंटल करने के बाद गायब हुई सागौन लकड़ी और अन्य सामग्री का मामला सीधे दो वनकर्मियों के गले की फांस बनता जा रहा है। विभाग के भीतर दोनों के नामों की जमकर चर्चा है और आरोप लग रहे हैं कि सरकारी संपत्ति को ठिकाने लगाने का पूरा खेल इन्हीं की निगरानी में हुआ।
सूत्रों के मुताबिक रेंजर निवास टूटने के तुरंत बाद वहां से निकली कीमती सागौन लकड़ी और अन्य सामान रहस्यमयी तरीके से गायब कर दिया गया। आरोप है कि अमित और हरीश ने अधिकारियों की “सेटिंग” के दम पर पूरी सामग्री को इधर-उधर कर दिया, लेकिन आज तक न कोई हिसाब सामने आया और न ही कोई रिकॉर्ड।
हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद विभागीय अधिकारी दोनों कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने में जुटे दिखाई दे रहे हैं। विभाग में चर्चा है कि दोनों, साहब के चहेते हैं। दोनों की पकड़ मजबूत है इस कारण गंभीर शिकायतों के बाद भी जांच शुरू नहीं हो पा रही।
स्थानीय लोगों और विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हो जाए तो सरकारी सागौन और अन्य सामग्री गायब होने के पूरे खेल से पर्दा उठ सकता है। लेकिन फिलहाल हालात ऐसे हैं कि दोनों खुलेआम घूम रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। अब सवाल यह है कि आखिर दोनों को बचाने में किसकी दिलचस्पी है ? और सरकारी संपत्ति गायब होने के बाद भी विभाग कार्रवाई से क्यों भाग रहा है ?
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
9424300567





