सरकारी रकम पर हाथ साफ, रिश्तेदारों के खातों में पहुंचाए लाखों रुपए
छिंदवाड़ा (लगी क्या)। छिंदवाड़ा वनवृत्त के उत्पादन वन मंडल अंतर्गत देलाखारी रेंज में पदस्थ एक वनरक्षक पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि यह वनरक्षक पिछले 16 वर्षों से लगातार इसी रेंज में पदस्थ है और इस अवधि में उसने मजदूरों की मेहनताना राशि में बड़े पैमाने पर हेराफेरी करते हुए दीमक की तरह सरकारी राशि को चट कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित वनरक्षक ने मजदूरों के नाम से फर्जी भुगतान तैयार करवाकर लाखों रुपए अपने ही रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। कई बार ऐसे लेन-देन पर सवाल उठे, लेकिन स्थानीय स्तर पर मिली अधिकारियों और कर्मचारियों की शह के कारण मामला दबा दिया गया।
वन विभाग के सूत्र बताते हैं कि विभागीय परीक्षण में पहले कुछ संदिग्ध प्रविष्टियां सामने आई थी। जिनकी जांच अधिकारियों द्वारा की गई और मामला रफा दफा कर दिया गया। वहीं इस मामले पर स्थानीय अधिकारियों ने फिलहाल किसी भी तरह की टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया है।
जानकारों का कहना है कि यदि विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए तो वित्तीय गड़बड़ी की राशि हजारों नहीं, बल्कि लाखों तक पहुंच सकती है।
इस मामले में वनरक्षक दिनेश ने बताया कि कूप कटाई के लिए मजदूरों को लगाया जाता है। जिनकी राशि रिश्तेदारों के खातो में डाली गई फिर मजदूरों को उनकी मजदूरी नगद दे दिया गया।
इनका कहना है।
आपके माध्यम से मुझे जानकारी मिली है इस मामले की जांच में करवाती हूं, रही रिश्तेदारों के खाते में पैसे डालने की बात तो यह गंभीर मामला है।
श्रीमती अनामिका, रेंजर, देलाखारी उत्पादन, छिंदवाड़ा
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
9424300567
नोट -सारे सबूत “लगी क्या” के पास सुरक्षित है।





