विंध्या फर्म पर मेहरबान रहे उपसंचालक, लाखों रुपए का हो गया खेला, 335 रु का खेल, 50 पैसे में चयन !
छिंदवाड़ा (लगी क्या)। साधारण मरम्मत कार्य की निविदा प्रक्रिया को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सामने आए दस्तावेज के अनुसार वित्त विभाग के 3 जून 2022 के परिपत्र में साधारण मरम्मत के लिए 335 रु प्रति वर्गमीटर की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई थी। इसके बावजूद पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक और कर्मचारियों ने मिलकर नियमों से छेड़छाड़ करते हुए जारी निविदा सूचना में 335 रु को न्यूनतम दर निर्धारित कर दिया गया।
निविदा में कुल छह फर्मों ने दरें प्रस्तुत कीं। इनमें मेसर्स मैया रानी ने 380, अग्रवाल ट्रेडर्स ने 370, ताज इलेक्ट्रॉनिक्स ने 350, सनसाइन इलेक्ट्रिकल्स एवं इलेक्ट्रॉनिक्स ने 348 और सुपर इलेक्ट्रिकल्स ने 345 प्रति वर्गमीटर की दर प्रस्तुत की। वहीं मेसर्स विंध्या इंटरप्राइजेज ने 334.50 प्रति वर्गमीटर की दर दी।
दस्तावेज के मुताबिक वित्तीय निविदा में 334.50 की दर वाली विंध्या इंटरप्राइजेज का चयन किया गया। यानी 335 की निर्धारित राशि से महज 50 पैसे कम दर पर चयन हुआ।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब शासन के परिपत्र में 335 को अधिकतम सीमा बताया गया था, तो निविदा में उसे न्यूनतम दर किस आधार पर बनाया गया ? दस्तावेज में इस पूरी प्रक्रिया को शासन के नियमों एवं निर्देशों के विपरीत बताते हुए आपत्ति दर्ज की गई है। अब सवाल उठ रहा है कि निविदा की शर्तें तय करने से लेकर फर्म के चयन तक की प्रक्रिया की जिम्मेदारी किसकी थी और किस कारण नियमों को बदला गया ?
नहीं थम रहे साहब पर आरोप –
पशु चिकित्सा विभाग के साहब पर एक नहीं बल्कि दर्जनों संगीन आरोप है, लेकिन इसके बावजूद भी अब तक साहब पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हो पाई। जिसको लेकर विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि आखिर साहब की इतनी तगड़ी सेटिंग किससे और किस एवज में बनी है।
नोट – “लगी क्या” के पास इस मामले के दस्तावेज सुरक्षित है।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
9424300567





