Home FOREST पांढुर्णा वनमंडल का उदय: छिंदवाड़ा के वनक्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव

पांढुर्णा वनमंडल का उदय: छिंदवाड़ा के वनक्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव

  • दक्षिण छिंदवाड़ा वनमंडल हुआ विलीन, पांढुर्णा में नई उम्मीदों का संचार

छिंदवाड़ा (लगी क्या): वन संरक्षण और प्रशासनिक दक्षता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मध्य प्रदेश सरकार ने पांढुर्णा जिले में एक नए वनमंडल की स्थापना की है। यह निर्णय न केवल पांढुर्णा के वनक्षेत्र के प्रबंधन को सुदृढ़ करेगा, बल्कि छिंदवाड़ा के वन परिदृश्य में भी एक ऐतिहासिक परिवर्तन लाएगा।
नवीन पांढुर्णा वनमंडल का मुख्यालय पांढुर्णा में स्थापित किया गया है, जो इस क्षेत्र में वन प्रबंधन के लिए एक केंद्रीय बिंदु के रूप में कार्य करेगा। दक्षिण छिंदवाड़ा वनमंडल के 662.742 वर्ग किलोमीटर के विशाल वनक्षेत्र को नवगठित पांढुर्णा वनमंडल में समाहित किया गया है। जिससे इस क्षेत्र के वन संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा। दक्षिण छिंदवाड़ा वनमंडल के शेष 293.944 वर्ग किलोमीटर वनक्षेत्र को पूर्व और पश्चिम छिंदवाड़ा वनमंडलों में विभाजित कर दिया गया है। जिससे इन क्षेत्रों का प्रशासनिक ढांचा अधिक सुव्यवस्थित हो जाएगा। पांढुर्णा, पूर्व छिंदवाड़ा और पश्चिम छिंदवाड़ा वनमंडलों की प्रशासनिक संरचनाओं और पदों का पुनरावंटन किया गया है। जिससे वन प्रबंधन में दक्षता और पारदर्शिता आएगी। दक्षिण छिंदवाड़ा वनमंडल के निवर्तमान वनमंडल अधिकारी (डी एफ ओ)को नवगठित पांढुर्णा वनमंडल का कार्यभार सौंपा गया है। जिससे निरंतरता और निर्बाध संचालन सुनिश्चित होगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय मंत्रिपरिषद के दिनांक 04 मार्च, 2025 के आदेश के अनुक्रम में लिया गया है। जो सरकार की वन संरक्षण और प्रशासनिक सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस पुनर्गठन से न केवल वन संसाधनों का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी वन प्रबंधन में सक्रिय रूप से भाग लेने के अवसर मिलेंगे।

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

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