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भ्रष्टाचारी के संरक्षक बने पशु उपसंचालक, रिश्वतखोर को फूल माला पहनाकर किया स्वागत

जांच प्रभावित करने बनाई योजना, जांच होगी प्रभावित

छिंदवाड़ा (लगी क्या)। पशुपालन विभाग में भ्रष्टाचार का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जुन्नारदेव में पदस्थ डॉक्टर योगेश सेमिल को कुछ महीने पहले लोकायुक्त टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। नियमानुसार, लोकायुक्त जांच की अवधि में आरोपी कर्मचारी का स्थानांतरण दूसरे जिले में किया जाना चाहिए, ताकि वह जांच को प्रभावित न कर सके।

आरोपी अधिकारी को शातिर योजना बनाकर पांढुर्णा जिले के सौसर तहसील में स्थानांतरित किया गया है, लेकिन उनका वेतन आहरण आज भी छिंदवाड़ा मुख्यालय से हो रहा है। इसके अलावा छिंदवाड़ा और पांढुरना के पशु उप संचालक पद का जिम्मा डॉ एच जी एस पक्षवार के पास है। इससे साफ है कि विभाग आरोपी डॉ को बचाने की कोशिश में लगा हुआ है।
जांच की निष्पक्षता पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि आरोपी डॉक्टर को पशु चिकित्सा संघ पांढुर्णा का अध्यक्ष बनाकर उप संचालक डॉक्टर एच जी एस पक्षवार ने विभागीय कार्यालय छिंदवाड़ा में फूल माला के साथ सम्मानित किया। इससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है और भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण मिल रहा है।
इस मामले में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

मैं निपटा तो नहीं छोडूंगा…
पशु चिकित्सा विभाग के गलियारे में इन दिनों एक चर्चा काफी जोरों पर है। रिश्वतखोर डॉक्टर ने सार्वजनिक रूप से यह कहने में कोई कसर नहीं छोड़ी कि मैं निपटूंगा तो किसी को भी नहीं छोडूंगा। इसी वजह से विभाग के मुखिया से लेकर सहयोगी अधिकारी और कर्मचारियों के द्वारा यह मेहरबानी आरोपी डॉक्टर पर बरती गई है।

इनका कहना है।
इस मामले में मेरे द्वारा कुछ नहीं किया गया है, डॉ सेमल की पदस्थापना भोपाल संचालक द्वारा की गई है।

डॉ जे पी शिव
संयुक्त संचालक
पशु चिकित्सा विभाग, जबलपुर

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

9424300567