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खनिज विभाग की गोपनीयता में सेंध,5 हजार में बिक रही अफसरों की लोकेशन

वाहन चालको की भूमिका शक के घेरे में, सेवा के एवज में बेच रहे सूचना

छिंदवाड़ा – (लगी क्या)। खनिज विभाग की निष्पक्षता और गोपनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा होता नजर आ रहा है। एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें विभाग के ही एक वाहन चालक द्वारा महिला अधिकारी की लोकेशन मात्र 5 हजार रुपए में अवैध उत्खनन करने वाले एवं रेत माफियाओं को बेची जा रही है। लोकेशन मिलते ही अवैध उत्खनन में संलिप्त मशीनें और मजदूर मौके से गायब हो जाते हैं, जिससे विभाग की कार्रवाई विफल हो जाती है।

सूत्रों के अनुसार, उक्त चालक अपने मोबाइल की GPS लोकेशन को ट्रैक कर अवैध उत्खनन करने वाले और रेत माफियाओं तक पहुंचा देता है, जिससे वे समय रहते स्थान बदल देते हैं और पकड़े जाने से बच निकलते हैं। यह सिलसिला कथित रूप से लंबे समय से जारी है, और अब जाकर इस पर से पर्दा उठ रहा है।

प्राइवेट चालक बन रहे हैं ‘सूत्रधार’ –

खनिज विभाग के अधिकारियों द्वारा अधिकारी वर्ग के लिए रखे गए निजी वाहन चालकों की भूमिका अब शक के घेरे में है। सूत्रों का यह भी दावा है कि इन चालकों के माध्यम से ‘सेवा और सूचना’ दोनों का आदान-प्रदान होता है – जिसमें लोकेशन जैसी गोपनीय जानकारिया भी शामिल हैं। यदि यह आरोप सही हैं, तो यह न सिर्फ विभाग की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अवैध उत्खनन को संरक्षण देने में भीतर ही भीतर कितने लोग जुड़े हो सकते हैं।

जांच जरूरी, कार्रवाई और जरूरी

इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी इस कृत्य में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसे कृत्यों पर लगाम लगाई जा सके।

नोट – अगले अंक में खनिज विभाग के ओर भी कारनामे

– कौन से अधिकारी का वाहन चालक कर रहा है सूचना प्रदान।

– वाहन चालक का नाम और सूचना का स्क्रीन शॉट

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

9424300567