बिना पैसे नहीं मिलती टीएस, SDO पर सरपंच-सचिवों का फूटा गुस्सा
छिंदवाड़ा (लगी क्या)। जनपद पंचायत छिंदवाड़ा में पदस्थ असिस्टेंट इंजीनियर (एसडीओ) आर.पी. सोनी की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों में घिर गई है। सरपंचों और सचिवों ने आरोप लगाया है कि विकास कार्यों की तकनीकी स्वीकृति (टीएस) और सीसी जारी करने के नाम पर उनसे खुलेआम कमीशन की मांग की जा रही है। शिकायत में दावा किया गया है कि हर काम की लागत का लगभग 3 प्रतिशत तक राशि वसूली जा रही है।
शिकायत के अनुसार चाहे काम सांसद निधि का हो, विधायक निधि का हो या किसी अन्य योजना का, बिना “सेवा” दिए टीएस जारी नहीं की जाती। यदि कोई सरपंच या सचिव पैसे देने से मना करता है तो उसके कार्यों को लंबित कर दिया जाता है, जिससे पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
आरोप यह भी है कि यदि निर्धारित राशि नहीं दी जाती तो निर्माण कार्यों में अनावश्यक आपत्तियां लगाकर सरपंच-सचिवों को मानसिक रूप से परेशान किया जाता है। इससे कई पंचायतों में विकास कार्य अटक गए हैं और ग्रामीणों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि मनरेगा के कार्यों में भी अपने कथित ठेकेदारों और वेंडरों के माध्यम से बिल लगवाकर भुगतान करवाने की बात सामने आई है।
सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि आर.पी. सोनी का स्थानांतरण पहले ही रीवा जिले में हो चुका है, इसके बावजूद अब तक उन्हें छिंदवाड़ा जनपद से रिलीव नहीं किया गया है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सरपंचों और सचिवों का कहना है कि जब से आर.पी. सोनी जनपद पंचायत में पदस्थ हुए हैं, तब से अधिकांश पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और उनके व्यवहार से जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है।
शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराते हुए संबंधित अधिकारी को तत्काल यहां से हटाया जाए, ताकि पंचायतों में रुके हुए विकास कार्य फिर से शुरू हो सकें।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
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