Home CITY NEWS सिंडिकेट के सामने नतमस्तक आबकारी अधिकारी- कर्मचारी

सिंडिकेट के सामने नतमस्तक आबकारी अधिकारी- कर्मचारी

धड़ल्ले से चल रहे आहते, शासन को हो रहा करोड़ों का नुकसान

वजन के कारण आंखें मूंदे बैठा आबकारी विभाग

छिंदवाड़ा: (लगी क्या)। जिले में आबकारी विभाग की नाक के नीचे अवैध रूप से चल रहे आहते (देशी व विदेशी शराब की दुकानों से जुड़े अवैध बार) शासन को हर महीने करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। इन आहतों को संचालित करने वाले कथित सिंडिकेट के प्रभाव में आबकारी अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं, जिससे यह अवैध धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है।सूत्रों के अनुसार, जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में दर्जनों आहते प्रतिबंध के बाद भी चल रहे हैं।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई आहते रिहायशी इलाकों और शैक्षणिक संस्थानों के पास स्थित हैं, जिससे सामाजिक और कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। वहीं, विभागीय अधिकारी कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभा रहे हैं या फिर कथित रूप से “हफ्ता वसूली” के चलते आंखें मूंदे हुए हैं।

एक अनुमान के मुताबिक, यदि इन आहतों से होने वाली अवैध कमाई को रोका जाए, तो शासन को हर महीने दूसरे नियमों के तहत करोड़ों रुपये की अतिरिक्त राजस्व प्राप्ति हो सकती है। लेकिन सिंडिकेट का दबाव इतना अधिक है कि अधिकारी भी इस नेटवर्क के आगे बेबस नजर आ रहे हैं।

अब सवाल यह उठता है कि क्या शासन इस बढ़ते हुए अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए कोई सख्त कदम उठाएगा, या फिर आबकारी विभाग इसी तरह सिंडिकेट के सामने नतमस्तक बना रहेगा? जनता जवाब चाहती है।

” भरपूर सेवा” बंद हुई आंखें –
जिले में विभाग के मुखिया और उनके अधीनस्थ अधिकारियों की आंखों को सिंडिकेट ने पूरी तरह से बंद करवा दिया है। जिसका जीता जागता उदाहरण यह है कि जिले में लगातार पुलिस के द्वारा ही अवैध शराब पकड़ी जा रही है। वही शराबियों पर कार्यवाही भी की जा रही है। लेकिन आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारियो को “भरपूर सेवा” के एवज में कुछ नजर ही नहीं आ रहा है।

स्टिंग: शहर के कुछ आहते के सुरक्षित हैं स्टिंग ऑपरेशन में लिए गए वीडियो ।

इनका कहना है।

मेरी जानकारी में नहीं है कि आहते चल रहे है। ऐसा है तो जांच कर कार्यवाही की जाएगी।

आकाश मेश्राम,
वृत प्रभारी, छिंदवाड़ा

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

9424300567