वन मंडल कार्यालय ने रेंज से मांगी पूरी जानकारी, खंगाले जा रहे कंप्यूटर ऑपरेटरों के रिकॉर्ड
छिंदवाड़ा (लगी क्या)। पश्चिम वन मंडल में हुए 90 लाख से अधिक के वित्तीय घोटाले की परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं। भोपाल कोषालय की टीम द्वारा पकड़े गए इस सनसनीखेज मामले में जहां एक शातिर वनरक्षक लाखों रुपए के गोलमाल में लिप्त पाया गया, वहीं अब रेंज कार्यालयों में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन मंडल कार्यालय ने सभी रेंजरों को पत्र जारी कर कंप्यूटर ऑपरेटरों का पूरा लेखा-जोखा मांगा है। आदेश में उनके खातों में आई राशि, किए गए कार्यों और भुगतान के विवरण की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
इस कार्रवाई के बाद रेंज स्तर पर पदस्थ ऑपरेटरों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। माना जा रहा है कि कई और नाम जल्द सामने आ सकते हैं, जिससे विभाग में मचा यह घोटाला और भी बड़ा रूप ले सकता है।
परासिया और सांवरी रेंज के ऑपरेटरों पर गहराया शक !
सूत्रों के अनुसार, लाखों रुपए के इस घोटाले में सांवरी और परासिया रेंज में पदस्थ दो कंप्यूटर ऑपरेटरों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने कथित रूप से वनरक्षक शाहिद खान के साथ मिलकर सरकारी राशि का गोलमाल किया।
जांच टीम को मिले प्रमाणों के मुताबिक, इन ऑपरेटरों द्वारा अपने रिश्तेदारों के खातों में राशि ट्रांसफर किए जाने के साक्ष्य मिले हैं।
इन खुलासों के बाद वन मंडल कार्यालय ने सभी रेंजों के ऑपरेटरों की कुंडली खंगालना शुरू कर दी है, ताकि इस क्लिक-घोटाले की हर कड़ी तक पहुंचा जा सके।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
9424300567





