पश्चिमी वन मंडल में ‘बंगला गैंग’ का खुलासा, सरकारी खजाने पर डाका… और वनरक्षक बने करोड़पति!
छिंदवाड़ा (लगी क्या)। पश्चिमी वन मंडल में इस समय घोटालों की ऐसी आँधी चल रही है कि आम आदमी तो क्या, विभाग के बड़े अधिकारी भी कटघरे में खड़े दिख रहे हैं। जरूरतमंदों के लिए आई सरकारी राशि सीधे वनरक्षकों और उनके रिश्तेदारों के खातों में पहुँचाई गई, और फिर उसी रकम से करोड़ों की चमचमाती कोठियाँ खड़ी कर दी गईं। निलंबित वनरक्षक ने तो शहर के बीचों-बीच बंगला बनाकर जैसे भ्रष्टाचार का खुलेआम तमाचा मार दिया हो। दमुआ रेंज का एक और चर्चित शातिर वनरक्षक अपनी परासिया रोड के समीप (पोआमा) आलीशान हवेली को लेकर चर्चा में है, वहीं उसने घोटाले में शामिल साथी को पास में प्लॉट दिलाकर “भ्रष्टाचार की साझेदारी” को पड़ोसी रिश्ते तक बढ़ा दिया। यह सारा खेल बताता है कि वन विभाग में सरकारी खजाने को निजी तिजोरी समझने की प्रवृत्ति किस कदर बढ़ चुकी है।
पश्चिमी वन मंडल में इन दिनों धन की खुलेआम बंदरबांट की जा रही है। खास बात यह कि ये रकम जरूरतमंदों तक पहुँचने के बजाय वनरक्षकों और उनके रिश्तेदारों के खातों में चली गई।
इन्हीं गड़बड़ियों के पैसों से वनरक्षकों ने लाखों रुपये कीमत के अत्याधुनिक बंगले खड़े कर लिए हैं। निलंबित वनरक्षक ने शहर के बीचों-बीच आलीशान बंगला बना कर सबको चौंका दिया है, तो वहीं दमुआ रेंज के वनरक्षक का नया बंगला परासिया रोड में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।
इसी कड़ी में आरोप यह भी है कि लगातार विवादों में घिरे एक अन्य वनरक्षक को प्लॉट दिलाकर उसे पड़ोसी भी बना लिया गया, ताकि “घोटाले की दोस्ती” वहीं की वहीं कायम रहे।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
9424300567





