हर काम का तय है कमीशन रूपी दाम
छिंदवाड़ा – छिंदवाड़ा का ट्राइबल विभाग सालों से भ्रष्टाचार का केंद्र बना हुआ है। इस विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के द्वारा हर काम के एवज में मोटी रकम ली जाती है। इतना ही नहीं मैदानी अमले में तैनात अधिकारियों ने हर छात्रावास और हॉस्टलों में कमीशन के रूप में अपने दाम तय कर रखे हैं। इस बात की पुष्टि मंगलवार को जबलपुर से आई लोकायुक्त की टीम की कार्रवाई ने कर दी। जहां लोकायुक्त की टीम ने एक अधीक्षक की शिकायत पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी रजनी अगामे के खिलाफ लोकायुक्त की धारा भ्रष्टाचार अधिनियम का मामला दर्ज किया है। इस मामले में अधीक्षक ने साफ तौर पर आरोप लगाया था कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी के द्वारा हर माह हॉस्टल और छात्रवास से उन्हें कमीशन दिया जाए। यह पहला मामला नहीं है। जब इस तरह की शिकायत के बाद लोकायुक्त ने कार्रवाई की है। इससे पहले भी अधीक्षकों के अलावा अधिकारियों पर कई तरह के संगीन आरोप लगाते आए हैं।
जोरो पर चलता है कमीशन का खेल –
ट्राईबल विभाग में कमिशन का खेल जोरों पर जारी है। जहां बच्चों के लिए किराने की खरीदी की बात की जाए या फिर उनके लिए बिस्तर पलंग या छात्रावास में अन्य तरह की सुविधा की बात की जाए तो इसके एवज में अधिकारियों को कमीशन देना आवश्यक होता है। ऐसा न करने वाले अधीक्षकों को तत्काल ही जिम्मेदारी वाले इस पद से हटा दिया जाता है। और उन्हें लूप लाइन में डालकर उनसे कार्य करवाया जाता है
कमीशन के बल पर सालों से तैनात है अधीक्षक –
ट्राईबल विभाग से जुड़े सूत्रों की माने तो विभाग के आला अधिकारी, छात्रावास और हॉस्टलों में ऐसे अधीक्षकों को तैनात करते हैं। जिनके द्वारा समय-समय पर कमीशन के रूप में मोटी रकम पहुंचाई जाती है। वर्तमान में जिले की बात करें तो सैकड़ो की संख्या में ऐसे अधीक्षक सालों से एक ही छात्रावास हॉस्टल में तैनात है। जो अधिकारियों को मोटी रकम देकर उनकी सेवा करते चले आ रहे हैं। भरपूर मिलने वाली सेवा के बल पर ही अधीक्षक हॉस्टलों और छात्रावास में तैनात रहकर विभाग को दिमक की तरह चट करते चले आ रहे हैं।
जरा हट के…
रिपोर्ट…
प्रवीण काटकर
9424300567





