जहां घटना नहीं, वहां भी दर्ज हो गई एफआईआर !
छिंदवाड़ा (लगी क्या)। थाने की सीमा को लेकर आम नागरिकों को जहां घंटों भटकाया जाता है, वहीं कोतवाली पुलिस ने नियमों को दरकिनार कर एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरे शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
मामला सारना-बनगांव का है, जो कुंडीपुरा थाना क्षेत्र में आता है। यहीं से एक व्यक्ति का अपहरण होता है। इसके बाद पीड़ित को परासिया थाना क्षेत्र में ले जाकर बेरहमी से ढाबे में पीटा जाता है। नियमों के मुताबिक अपहरण का केस कुंडीपुरा और मारपीट का मामला परासिया थाने में दर्ज होना चाहिए था।
लेकिन हैरानी तब हुई जब पीड़ित सीधे कोतवाली पहुंचा, और आधी रात को कोतवाल साहब ने बिना किसी हिचक के सारे नियमों को ठेंगा दिखाते हुए एफआईआर दर्ज कर ली।
अब सवाल यह है कि जब सड़क हादसे या बड़ी किसी वारदात में घायल पड़े व्यक्ति को उठाने तक में थाने “सीमा-सीमा” खेलते हैं, तो इस मामले में कोतवाल ने नियमों को क्यों ताक पर रख दिया ? क्या कोतवाल को थाना-सीमा का ज्ञान नहीं है, या फिर किसी खास वजह से यह मेहरबानी दिखाई गई ?
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
9424300567





