Home FOREST वन विभाग के ‘नटवरलाल’ कंप्यूटर ऑपरेटर !

वन विभाग के ‘नटवरलाल’ कंप्यूटर ऑपरेटर !

सरकारी खजाने पर हाथ, अफसरों की खुली छतरी !

प्राइवेट ऑपरेटरों को न नौकरी का डर, न कार्रवाई का खौफ

छिंदवाड़ा (लगी क्या)। वन विभाग में वर्षों से ‘नटवरलाल’ की भूमिका निभा रहे प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर कमाल दिखा रहे हैं। सरकारी राशि को रिश्तेदारों के खातों में डालना और शासकीय धन की बंदरबांट करना इनके लिए आम बात बन चुकी है। हैरानी यह कि सब कुछ उजागर होने के बाद भी इन पर अफसरों की मेहरबानी बरकरार है।
दरअसल, वन विभाग में सालों से प्राइवेट कर्मचारियों से मनमाना काम कराया जा रहा है। अधिकारियों के निर्देश पर कंप्यूटर ऑपरेटर पूरे सिस्टम को अपनी उंगलियों पर नचा रहे हैं। हाल ही में पश्चिमी वन मंडल में सामने आए घोटाले में भी साफ हुआ कि इस पूरे खेल की मुख्य कड़ी कंप्यूटर ऑपरेटर ही हैं—जिनके जरिए लाखों की शासकीय राशि इधर-उधर की गई। इसके बावजूद कार्रवाई शून्य है। सवाल यह है कि जब पूरा खेल बेनकाब हो चुका है, तो फिर इन पर हाथ क्यों नहीं डाला जा रहा?

सांवरी रेंज के ऑपरेटरों पर मेहरबानी क्यों ?

पश्चिम मंडल में उजागर हुए लाखों के घोटाले में सांवरी रेंज सहित अन्य कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका परत-दर-परत सामने आ रही है। शासकीय राशि की बंदरबांट के सबूत मिलने के बाद भी इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं, यह स्थिति कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

पारदर्शिता सिर्फ कागजों तक –
जब तक इन ‘नटवरलालों’ पर शिकंजा नहीं कसा जाएगा, तब तक वन विभाग में पारदर्शिता सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेगी।

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

9424300567