चर्चाओं में नगर निगम,
फाइलें ठंडी, इश्क गर्म !
साहब की खास मेहरबानी, दफ्तर में खलबली
छिंदवाड़ा (लगी क्या) निगम दफ्तर में इन दिनों कामकाज से ज्यादा एक ‘खास’ रिश्ते की चर्चा जोरों पर है। कोई किसी को “डियर” कहकर पुकारता है तो कोई “सुनिए” कहकर मुस्कुराता नजर आता है। साहब की मेहरबानी ऐसी कि फाइलें भी मानो मुस्कुराकर आगे बढ़ रही हैं।
दफ्तर के गलियारों में फुसफुसाहट है कि जिस टेबल पर ये ‘मीठी बोली’ पहुंचती है, वहां काम की रफ्तार अपने आप तेज हो जाती है। बाकी कर्मचारी आंखों-ही-आंखों में इशारे कर रहे हैं और पूछ रहे हैं—क्या यह सिर्फ शिष्टाचार है या फिर कुछ ज्यादा खास?
सूत्र बताते हैं कि साहब की ‘स्पेशल अटेंशन’ अब खुले राज की तरह चर्चा में है। मीटिंग में नजरें, परिसर में ठहराव और फोन पर लंबी बातचीत… इन सबने निगम की राजनीति को भी गरमा दिया है।
हालांकि आधिकारिक तौर पर सब कुछ सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों के बीच सवाल तैर रहा है—क्या यह पेशेवर व्यवहार है या निजी समीकरणों का असर ?
अब देखना यह है कि निगम प्रशासन इस ‘डियर–सुनिए’ कनेक्शन को महज अफवाह बताकर टालता है या फिर अंदरखाने चल रही चर्चाओं पर कोई ठोस सफाई सामने आती है।
दफ्तर में काम से ज्यादा चर्चा अगर रिश्तों की हो, तो समझिए मामला सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं है।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
9424300567





