Home FOREST वनकर्मी, फर्नीचर कारीगर को दे रहे चुप रहने की धमकी !

वनकर्मी, फर्नीचर कारीगर को दे रहे चुप रहने की धमकी !

शासकीय भवन डिस्मेंटल होते ही गायब हुई लकड़ी सहित सामग्री

मामला मीडिया तक पहुंचते ही वनकर्मी अमित-हरीश की सक्रियता बढ़ी

छिंदवाड़ा (लगी क्या)।  जिले के बिछुआ स्थित कार्यालय वन परिक्षेत्र अधिकारी उत्पादन में पुराने सरकारी रेंजर निवास को डिस्मेंटल किए जाने के बाद उसकी सामग्री गायब होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि डिस्मेंटल बिल्डिंग से निकली सरकारी सागौन लकड़ी को ठिकाने लगाने के लिए वनकर्मी अमित ने अपने सहयोगी हरीश के साथ मिलकर पूरी पटकथा रची।
जानकारी के मुताबिक, सरकारी भवन से निकली सागौन लकड़ी को बिछुआ के एक फर्नीचर कारीगर को थमाया गया। जिसके द्वारा लकड़ियों से 11 चौखट ऑफिस परिसर में तैयार कराई गईं और वनकर्मी द्वारा किसी को भी न बताने की बात कड़े शब्दों में कही गई । मामले की भनक मीडिया तक पहुंचते ही अब पूरा खेल खुलने के डर से संबंधित वनकर्मी सक्रिय हो गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि वनकर्मी अमित और हरीश अब उस फर्नीचर कारीगर पर दबाव बना रहे हैं, जिसने इन लकड़ियों पर काम किया था। उसे साफ तौर पर कहा जा रहा है कि सागौन लकड़ी और चौखट निर्माण के संबंध में किसी को कोई जानकारी न दे। इतना ही नहीं, डराने के लिए वन अपराध दर्ज करने की धमकी भी दी जा रही है।
सरकारी संपत्ति के कथित दुरुपयोग और उसे निजी लाभ के लिए इस्तेमाल करने के इस पूरे मामले ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि आखिर सरकारी भवन की सामग्री कहां गई, किसके आदेश पर हटाई गई और किसकी निगरानी में उसका उपयोग निर्माण में किया गया ?
अब देखना यह है कि वन विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले में जांच कर कार्रवाई करते है या फिर मामला फाइलों में दबाकर जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश की जाती है।

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

9424300567