Home FOREST एक करोड़ की लालच में बाघ का कत्ल, 30 लाख में हुआ...

एक करोड़ की लालच में बाघ का कत्ल, 30 लाख में हुआ था सौदा !

चार तस्कर दबोचे, गड्ढा खोदकर निकाले गए बाघ के अन्य अवशेष

छिंदवाड़ा (लगी क्या)। करोड़ों की कमाई के लालच में वन्यजीव तस्करों ने राष्ट्रीय पशु बाघ का शिकार करीब 1 माह पहले कर उसके अंगों की तस्करी का सौदा कर डाला। इस मामले में पूर्व वन मंडल अधिकारी स्वरूप दीक्षित ने बताया कि आरोपियों ने बाघ की खाल और अन्य अवशेषों के लिए पहले एक करोड़ रुपये की मांग रखी थी, लेकिन आखिरकार 30 लाख रुपये में सौदा तय होने की बात सामने आई है। वन विभाग की बड़ी कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बाघ की खाल, खोपड़ी, चार पंजे समेत नाखून एवं कई अवशेष बरामद किए गए हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर वन अमले ने जंगल क्षेत्र में गड्ढा खुदवाकर बाघ के अन्य अवशेष भी बरामद किए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शिकार के बाद साक्ष्य मिटाने और तस्करी को अंजाम देने के लिए अवशेषों को नरसिहपुर जिले के करेली रेंज के जंगल में जमीन में दफना दिया गया था। हालांकि वन विभाग की सतर्कता से पूरा मामला उजागर हो गया।
बताया जा रहा है कि तस्करों की नजर बाघ के अंगों की अवैध बिक्री से मोटी रकम कमाने पर थी। एक करोड़ रुपये की मांग के बाद 30 लाख रुपये में सौदा तय किया गया था, लेकिन इससे पहले ही एसडीओ अनादि बुधोलिया, रेंजर कीर्ति बाला गुप्ता ने पूरी टीम के साथ शिकंजा कसते हुए पूरे गिरोह को धर दबोचा। डीएफओ श्री दीक्षित ने कहा कि बाघ के शिकार के आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पूरी टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।

वनाधिकारियों ने भेजा था सौदागर !
इस मामले में डीएफओ श्री दीक्षित ने बताया कि जैसे ही बाघ के शिकार और उसके अवशेष बेचने की बात सामने आई तभी सौदागर के रूप में कुछ व्यक्तियों को आरोपियों के पास सौदा करने भेजा गया था। इशारा मिलते ही आरोपियों को पकड़ा गया और उनके कब्जे से बाघ के अवशेष बरामद कर दिए गए।

इन आरोपियों को किया गिरफ्तार –
1.दानशा पिता चंद्रभान उइके उम्र 63 वर्ष, जामुनपानी, हर्रई 2.गौतम पिता प्रेमलाल धुर्वे उम्र 53 वर्ष, छिंदा परतापुर, हर्रई 3. हरिराम इनवाती पिता बुद्धू इनवाती उम्र 68 वर्ष,बांका,हर्रई 4. सूखदास पिता जीवनलाल उइके उम्र 44 वर्ष, पटनिया हर्रई।

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

9424300567