तीन माह से वेतन नहीं मिलने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप
सीसीएफ ने नियमों का हवाला देकर इस्तीफा लौटाया
छिंदवाड़ा (लगी क्या)। पूर्व वन मंडल में कर्मचारियों और डीएफओ के बीच चल रहा विवाद अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। पश्चिम बटकाखापा अंतर्गत खिरकी घाट के बीट प्रभारी वनरक्षक राघवेंद्र ने डीएफओ स्वरूप दीक्षित पर गंभीर आरोप लगाते हुए नौकरी से इस्तीफा देने तक की नौबत आने की बात कही है।
वनरक्षक द्वारा सीसीएफ को दिए गए लिखित आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पूर्व मंडल के डीएफओ स्वरूप दीक्षित द्वारा कर्मचारियों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक और मानसिक दबाव लगातार बढ़ता गया, जिसके चलते उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया।
मामला जब सीसीएफ कार्यालय पहुंचा तो इस्तीफे पर निर्णय लेने के बजाय नियमों का हवाला देते हुए उसे स्वीकार नहीं किया गया। हालांकि इस घटनाक्रम ने वन विभाग के अंदरूनी हालात पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ महीनों से पूर्व वन मंडल के डीएफओ पर कर्मचारियों को परेशान करने और मनमाने फैसले लेने के आरोप लगातार लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि कार्यालय में अटैच कर्मचारियों को पहले मूल स्थापना स्थल पर भेज दिया गया, लेकिन बाद में कथित सेटिंग और जुगाड़ के जरिए कुछ कर्मचारियों को फिर से कार्यालय में अटैच कर लिया गया। अब सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या माहौल बना दिया गया कि एक वनरक्षक को नौकरी छोड़ने जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा। क्या विभाग इन आरोपों की निष्पक्ष जांच करेगा या मामला फाइलों में दम तोड़ देगा।
पक्षपात और जातिवाद के भी आरोप –
नाम न छापने की शर्त पर कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में पक्षपात और जातिवाद जैसे गंभीर तत्व भी कार्यालय में देखने को मिल रहे हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह केवल प्रशासनिक अव्यवस्था नहीं, बल्कि विभागीय निष्पक्षता पर भी बड़ा सवाल है।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
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