कुंभपानी रेंज बना अवैध गतिविधियों का गढ़
सत्ताधारी नेता और अधिकारियों की मिली भगत, रोजाना हो रहा दर्जनों डंपर अवैध खनन
छिंदवाड़ा (लगी क्या)। पेंच नेशनल पार्क के बफर एरिया में रेत का अवैध खनन जोरों पर हैं। पार्क का कुंभपानी रेंज अवैध गतिविधियों का गढ़ बन गया हैं। कोना पिंडरई के पास अवैध कटाई की शिकायतें सामने आई थी। इसके अलावा यहां की हलाल, कोनापिंडरई, साजपानी बीट में जमकर अवैध खनन चल रहा हैं। एसडीएम ने यहां पर दो बार कारवाई कर मशीन और डंपर तक जब्त किया हैं। जबकि वन अमला हाथ पर हाथ धरे हुए हैं। यहां पर पूरा खेल पार्क के अमले की मेहरबानी और सत्ता पक्ष के नेताओं से पार्टनरशिप से अवैध खनन का खेल फल फूल रहा हैं। इस मामले में बकायदा वीडियो और फोटो सहित एनजीटी तक शिकायत की गई हैं। सबसे ज्यादा बुरी स्थिति साजपानी, हलाल, कोना पिंडरई की हैं। बादगांव से लेकर साजपानी, मंदरिया, कोना पिंडरई में जेसीबी मशीन लगाकर रेत निकाली जा रही हैं। इसके अलावा बांसखेड़ा, रमपुरी, लालगांव, सिरस, सिंगोड़ी, खैरघाट, कोनापिंडरई, लोनीबर्रा तक जमकर अवैध खनन हो रहा हैं। यहां गांव गांव में सैंकड़ों ट्रॉली रेत का स्टॉक हैं। सत्ताधारी दल के नेताओं की सहभागिता होने से प्रशासन भी हाथ पर हाथ धरे हुए हैं। गौरतलब हैं की पेंच नदी पेंच पार्क के बफर एरिया से होकर गुजरती हैं। पार्क का यही बफर एरिया अब रेत माफियाओं का गढ़ बन गया हैं। साजपानी और मंदरिया घाट पर सबसे बड़े पैमाने पर खनन हो रहा हैं। यहां पर पेंच नदी में रातों रात जेसीबी डालकर रेत का खनन किया जा रहा हैं। साजपानी, बाँसखेड़ा तक जगह जगह रेत का स्टॉक नजर आ रहा हैं। बफर जोन में प्रतिबंध के बाद भी इन हिस्सों से धड़ल्ले से खनन किया जा रहा हैं। इसके बाद भी पार्क का वन अमला चुप हैं। यहां के नाकों से रेत से भरे ट्रैक्टर और डंपर रोजाना पार हो रहे हैं। पेंच नदी का अधिकांश हिस्सा पेंच पार्क के बफर जोन में शामिल हैं। पार्क के साजपानी, मंदरिया होते हुए पेंच नदी निकलती हैं। इन गांव में रातों रात नदी में जेसीबी मशीन डालकर रेत का खनन किया जा रहा हैं। गांव में जगह जगह पर बाकायदा रेत का स्टॉक भी किया गया हैं। इस स्टॉक का नजारा इन गांव के आसपास ही नजर आ जाता हैं। गौरतलब है कि पार्क एरिया में खनन पर प्रतिबंध हैं। इसके बाद भी हलाल सर्किल सहित कुम्भपानी रेंज के अधिकारियों की लापरवाही से यहां अवैध खनन और परिवहन लगातार बढ़ते जा रहा हैं। इस मामले में शिकायत आला अधिकारियों को भी की गई हैं।
सालों से जमे अधिकारी –
कुम्भपानी रेंज में वन परिक्षेत्र अधिकारी से लेकर अन्य अधीनस्थ कर्मचारी सालों से जमे हुए हैं। तबादला नहीं होने से ये अब अपनी मर्जी से क्षेत्र का संचालन कर रहे हैं। अवैध खनन की चौरई के जागरूक नागरिकों ने इस मामले में एनजीटी को फोटो वीडियो सहित शिकायत की हैं। इसमें पार्क के अमले को पार्टी बनाया गया हैं। बताया जाता हैं की बफर जोन में खनन पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
9424300567





