Home Uncategorized कलेक्टर की कैंची चली तो हिली सालों पुरानी ‘ व्यवस्था’ !

कलेक्टर की कैंची चली तो हिली सालों पुरानी ‘ व्यवस्था’ !

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एक ही कुर्सी पर वर्षों से जमे कर्मचारियों के तबादले से मचा हड़कंप, परिसर में गूंजा—‘धन्यवाद कलेक्टर साहब’

छिंदवाड़ा (लगी क्या) । “धन्यवाद कलेक्टर साहब…” इन दिनों कलेक्टर परिसर में यह चर्चा सुनाई दे रही है। वजह है—तहसील और एसडीएम कार्यालय में वर्षों से एक ही जगह पर जमे कर्मचारियों के तबादले के आदेश। लंबे समय से एक ही कुर्सी और एक ही व्यवस्था में जमे कर्मचारियों को हटाने के फैसले के बाद कार्यालयीन हलकों में इसे लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
बताया जा रहा है कि कलेक्टर कार्यालय परिसर से जुड़े तहसील एवं एसडीएम कार्यालयों में लंबे समय से पदस्थ कुछ कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं। तबादले के बाद जहां संबंधित कर्मचारियों के बीच हलचल है, वहीं कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा करने वाले लोगों में इसे लेकर संतोष भी दिखाई दे रहा है।

‘भीष्म पितामह’ भी नहीं रोक पाए तबादले की राह ! –

कार्यालयीन गलियारों में चर्चा है कि वर्षों से एक ही स्थान पर प्रभावशाली स्थिति में रहे एक कर्मचारी ने तबादला आदेश रुकवाने के लिए कथित तौर पर कई प्रयास किए। लेकिन इस बार कलेक्टर के निर्णय के सामने ये प्रयास काम नहीं आए।
कलेक्टर ने तबादला आदेश पर अमल करते हुए वर्षों से जमे कर्मचारियों को नई जगह पदस्थ करने के निर्देश जारी कर दिए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि तबादला आदेश के बाद संबंधित कर्मचारी नई पदस्थापना वाले स्थान पर पूरी तरह ज्वाइन करते हैं या फिर किसी नए प्रयास से पुरानी ‘कुर्सी’ बचाने की कोशिश होती है?

अब असली परीक्षा आदेश के पालन की –

सालों से एक ही जगह जमे कर्मचारियों के तबादले के बाद प्रशासनिक गलियारों में एक और सवाल तैर रहा है—क्या इस बार तबादला सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगा या वास्तव में व्यवस्था में बदलाव दिखाई देगा ?
फिलहाल कलेक्टर के इस कदम को लेकर चर्चाएं तेज हैं और निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि नई पदस्थापना पर कौन पहुंचता है और पुरानी कुर्सियों से कौन वास्तव में विदा होता है।

पहले के तबादले भी धरे रह गए, अब नए आदेश की बारी ! –

सवाल बड़ा है—कलेक्टर के आदेश को कौन नहीं मान रहा ?
पूर्व में भी सहायक ग्रेड-3 के कुछ कर्मचारियों के तबादले किए गए थे, लेकिन बताया जा रहा है कि अब तक नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग नहीं हुई। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या इस बार के तबादला आदेश भी पुराने आदेशों की तरह सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएंगे?

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

9424300567