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देश के बाहर बैठे डॉक्टर के नाम से हॉस्पिटल का करवा दिया रजिस्ट्रेशन , कागजो मे परमानेंट डॉ के रूप मे कर दिया नियुक्त…..सब खेल है तिकड़ी का

बगैर नियम पालन किए जारी हो गया अस्पताल का रजिस्ट्रेशन

छिंदवाड़ा – प्राइवेट हॉस्पिटल के संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई तरह के नियम बनाए गए हैं।लेकिन इन सारे नियमों को ताक पर रखकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लालबाग चौक के एक अस्पताल को फर्जी तरीके से अस्पताल संचालन की अनुमति दे दी। एपिसोड 1 में खबर के माध्यम से हमारे द्वारा देश के बाहर बैठे डॉक्टर के नाम से हॉस्पिटल का फर्जी रजिस्ट्रेशन का जिक्र किया गया था, एवं एपिसोड 2 में गंभीर मरीज जिन्हें सीढ़ी से ले जाकर आईसीयू मे भर्ती होने पड़ता था। जबकि नियम मुताबिक एक से अधिक फ्लोर होने पर लिफ्ट अनिवार्य है। आज एपिसोड 3 में फायर सेफ्टी का जिक्र किया गया है। जहाँ इस प्राइवेट हॉस्पिटल में फायर सेफ्टी का जरा भी ध्यान नहीं रखा गया है, और न ही फायर एग्जिट के लिए अलग से कोई डोर इस अस्पताल में है। लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने साठ गांठ से अस्पताल संचालन की अनुमति संचालकों को दे दी। इस मामले में जानकारी के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन द्वारा फायर एनओसी ली गई थी। जिसकी वैधता 28 सितंबर 2023 को समाप्त हो गई थी। इसके बाद अस्पताल संचालकों ने फर्जी तरीके से पुनः फायर की एनओसी ले ली। मजेदार बात तो यह है कि स्वास्थ्य विभाग एवं निगम की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किए बगैर ही अस्पताल को फायर एनओसी प्रदान कर दी। अस्पताल में फायर सेफ्टी का इंतजाम न के बराबर है। नियम के मुताबिक फायर एग्जिट के लिए अलग से डोर की व्यवस्था होती है। जो इस अस्पताल में नहीं है। लालबाग चौक के  इस चर्चित अस्पताल में सारे नियमों को ताक पर रखकर सेटिंग के माध्यम से अस्पताल संचालन किया जा रहा है।

हादसे से सबक नही ले रहा प्रशासन –
साल 2022 मे हुए जबलपुर के एक निजी अस्पताल मे आग लग गयी थी। जिसमे 8 लोगो की मौत हो गई थी। अस्पताल मे फायर सेफ्टी के पूरे इंतेज़ाम नही थे, और बाहर निकलने का एक ही गेट था। उसी हादसे से सबक लेके प्रशासन ने सभी अस्पताल मे फायर सेफ्टी के पूरे इंतेज़ाम एवं बाहर निकलने का गेट होना अनिवार्य रूप से होने के निर्देश अस्पताल संचालको को दिए थे।ताकि अस्पताल को अनुमति प्रदान की जा सके । मगर इसके बाद भी फर्जीवाड़ा कर कुछ लालबाग के अस्पताल ने पैसे के दम पर परमिशन ले ली और उसे विभाग ने बकायदा परमिशन भी प्रदान कर दी। विभाग द्वारा दी गई परमिशन कई सवालों को जन्म दे रही है।

एपिसोड -3

जरा हट के…

रिपोर्ट…

प्रवीण काटकर

9424300567