Home CITY NEWS निजी जमीनों से अतिक्रमण हटाने का नया ‘मंत्र’: चढ़ावा चढ़ाओ, कब्जा हटाओ!

निजी जमीनों से अतिक्रमण हटाने का नया ‘मंत्र’: चढ़ावा चढ़ाओ, कब्जा हटाओ!

छिंदवाड़ा में ‘चढ़ावा’ बना अतिक्रमण हटाने का नया हथियार, भू-माफियाओं को भी मिल रहा ‘लाभ’!

छिंदवाड़ा: (लगी क्या)। अक्सर सरकारी जमीनों और सार्वजनिक स्थानों पर केंद्रित रहने वाला अतिक्रमण हटाओ अभियान अब छिंदवाड़ा में एक नए ही अवतार में सामने आया है। नगर निगम और राजस्व विभाग की जुगलबंदी ने अब निजी स्वामित्व वाली भूमियों से भी अतिक्रमण हटाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, और सुनने में आ रहा है कि इसके लिए एक खास ‘तंत्र’ विकसित हो गया है: चढ़ावा! जी हां, आपने सही पढ़ा, अब आपकी निजी जमीन पर कोई अवैध कब्जा है, तो बस सही जगह ‘चढ़ावा’ चढ़ा दीजिए और आपकी जमीन अतिक्रमण मुक्त हो जाएगी। शहर में 30 लाख रुपये के चढ़ावे की चर्चा जोरों पर है, जिसने इस ‘अनोखे’ अभियान को और भी दिलचस्प बना दिया है।

हाल ही में, कलेक्टर कार्यालय के ठीक सामने स्थित क्रिश्चियन भूमि से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने सबको चौंका दिया। यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि आमतौर पर ऐसे अभियान सरकारी संपत्तियों पर ही केंद्रित होते हैं। लेकिन, इस बार प्रशासन ने निजी जमीन पर भी अपना ‘हाथ’ साफ किया। सूत्रों की मानें तो यह अभियान केवल सरकारी संपत्तियों तक सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि निजी भूमियों को भी अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए एक व्यापक ‘रूपरेखा’ तैयार की गई है। हालांकि, इस ‘रूपरेखा’ का एक महत्वपूर्ण पहलू ‘चढ़ावा’ ही दिख रहा है।

कलेक्टर कार्यालय के सामने हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि प्रशासन अब निजी जमीनों पर हो रहे कब्जों को लेकर भी ‘गंभीर’ है। नगर निगम और राजस्व विभाग ने ‘कंधे से कंधा’ मिलाकर काम किया और वर्षों से लंबित पड़े इस विवादित कब्जे को ‘हटाया’। लेकिन, शहर में फुसफुसाहट तेज है कि इस ‘पुण्य’ कार्य के एवज में लाखों रुपये का ‘चढ़ावा’ चढ़ाया गया।

नगर निगम और राजस्व विभाग की टीम द्वारा चलाए गए इस ‘पवित्र’ अभियान के बीच कुछ ‘शातिर’ लोगों ने एक ‘षड्यंत्र’ रचते हुए निजी भूमि से भी अतिक्रमण हटवा दिया। और इस ‘सेवा’ के एवज में लाखों रुपये का चढ़ावा चढ़ाया गया।

अब देखना यह होगा कि यह ‘चढ़ावा दो और अतिक्रमण हटवाओ’ मॉडल कितनी सफलता हासिल करता है और क्या यह वाकई निजी संपत्ति धारकों को राहत देगा, या फिर यह सिर्फ ‘खास’ लोगों के लिए ही एक नया रास्ता खोलेगा। शहर में इस बात पर बहस तेज है कि क्या यह ‘स्वच्छ’ अभियान है या फिर ‘धन कमाने’ का एक नया तरीका।

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

9424300567