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झंडा में 2500 घन मीटर की परमिशन, बगैर राशि जमा किए लाखों घन मीटर मुरम का किया अवैध उत्खनन

खनिज अधिकारी को नहीं फुर्सत, अब तक नहीं हुआ स्थल का सत्यापन

छिंदवाड़ा (लगी क्या)। ग्राम झंडा की पहाड़ी में खनिज विभाग की मिलीभगत से मुरम का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से चल रहा था। ग्रामीणों की शिकायत के बाद दो दिन पहले उत्खनन बंद कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, करीब दो माह पहले 2500 घन मीटर मुरम उत्खनन की अनुमति एक अनुज्ञधारी द्वारा खनिज विभाग से ली गई थी, नियमानुसार रॉयल्टी की राशि तत्काल जमा किया जाना था लेकिन खनिज अधिकारी से मिली भगत करते हुए आज तक राशि जमा नहीं की गई है।

खनिज नियमों के मुताबिक, अनुमति मिलने के तत्काल बाद रॉयल्टी का भुगतान जरूरी होता है। बावजूद इसके, भारी मात्रा में मुरम का अवैध उत्खनन कर लाखों रुपए का राजस्व नुकसान किया गया। बताया जा रहा है कि अनुज्ञधारी ने खनिज अधिकारियों से सांठगांठ कर यह पूरा खेल खेला है, जिसमें समय अवधि निकलने के बाद भी स्थल का भौतिक सत्यापन तक नहीं किया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद भी खनिज निरीक्षक एवं अधिकारी पूरी तरह से मौन हैं।

शासन को लाखों का नुकसान-

जानकारों का कहना है कि इस प्रकार का अवैध उत्खनन छिंदवाड़ा जिले में पहली बार नहीं हो रहा। खनिज विभाग की मिलीभगत से हर साल करोड़ों का नुकसान राजस्व को होता है। इस मामले में भी अगर निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो बड़ी साजिश उजागर हो सकती है।

दीपक और पाल की जुगलबंदी, लाखों घन मीटर मुरम बेचे –
झंडा गांव की हरी भरी पहाड़ी को खनिज विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से दीपक और पाल बर्बाद करते चले आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार 2500 घन मीटर की अवैध तरीके से अनुमति लेकर लाखों घन मीटर मुरम का अवैध तरीके से उत्खनन कर लिया गया। इतना ही नहीं इस पूरे मामले को एक अधिकारी के साथ मिलकर अंजाम दिया गया। इस मामले में अधिकारी की खासी मेहरबानी दीपक ओर पाल पर बनी है। जिसकी चर्चा भी विभाग में है।

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

9424300567