Home CITY NEWS सिर्फ माधव स्वीट्स का बिल ही होता है पास…!

सिर्फ माधव स्वीट्स का बिल ही होता है पास…!

जनपद पंचायत छिंदवाड़ा में भारी कमीशनखोरी का खेल

छिंदवाड़ा (लगी क्या)। खराब रसगुल्ले और भोजन को लेकर सुर्खियों में आए माधव स्वीट्स एक बार फिर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आरोप है कि जनपद पंचायत छिंदवाड़ा में अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते इस दुकान का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, चाहे 15 अगस्त हो, 26 जनवरी हो या फिर कोई भी पंचायत स्तरीय सरकारी आयोजन, सभी जगहों पर मिठाई और नाश्ता माधव स्वीट्स से लेना ही अनिवार्य कर दिया गया है। अगर कोई पंचायत के कर्मचारी हो या पदाधिकारी हो दूसरे विक्रेता से सामान लेते है तो उसका बिल जनपद पंचायत कार्यालय में अटक जाता है। कहा जा रहा है कि कार्यालय में बैठे कुछ कमीशनखोर कर्मचारी तभी बिल पास करते हैं जब वह माधव स्वीट्स का हो।

कमीशनखोरी का फॉर्मूला” –

जनपद पंचायत के अंतर्गत हर साल पंचायतों में हजारों रुपये के बिल लगते हैं। कर्मचारियों और संचालक के बीच बनी सांठगांठ के कारण एक तरह से माधव स्वीट्स का राज चलता है। यही वजह है कि वर्षों से पंचायतों में केवल इसी दुकान का माल खपाया जा रहा है।

फूड अधिकारी की कार्रवाई-

हाल ही में सचिवों की मीटिंग में भी वही कहानी दोहराई गई। भोजन और रसगुल्लों की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि अधिकांश सचिवों ने खाना खाने से इनकार कर दिया। मामला दबाने की कोशिश हुई, लेकिन शिकायत की जानकारी मिलते ही फूड अधिकारी गोपेश मिश्रा मौके पर जनपद कार्यालय के समीप माधव स्वीट्स पहुंचे। उन्होंने मिठाई और भोजन के सैंपल जब्त किए और जांच के लिए लैब भेज दिए।

अगला एपिसोड – गांधी गंज की किस दूकान से खरीदे थे रसगुल्ले, क्या होगी कारवाही ?

इनका कहना है।

सूचना मिलने के बाद माधव स्वीट्स पहुंचकर खाना और रसगुल्ले के सेंपल लिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद रसगुल्ले जिस दूकान से खरीदे गए हैं। उस दुकान संचालक सहित माधव स्वीट्स संचालक के खिलाफ कारवाही की जाएगी।

गोपेश मिश्रा, फूड अधिकारी, छिंदवाड़ा

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

9424300567