वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल — दोषी अफसर को बचाने की कोशिश
छिंदवाड़ा (लगी क्या)। महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ सहायक संचालक हेमंत छैकर पर ग्रामीण क्षेत्रों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। बताया गया कि जांच के नाम पर ईकलबिहारी गांव पहुंचे सहायक संचालक से वसूली की बात को लेकर ग्रामीणों का विवाद हो गया था।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारी कार्यकर्ताओं से रुपये वसूल रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह अधिकारी को भीड़ से मुक्त कराया और उमरानाला चौकी ले गई।
मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त कलेक्टर के समक्ष पीड़ित महिलाओं के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की।
लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि बयान लेने के दौरान सहायक संचालक हेमंत छैकर को भी उसी कक्ष में बैठा रखा गया, जबकि उन्हीं के खिलाफ जांच चल रही थी।
सूत्रों के अनुसार, जब महिलाएं अपने बयान दे रही थीं, तब अधिकारियों के द्वारा लगातार उन पर बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा था। इस पूरे घटनाक्रम ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों का कहना है कि जांच के नाम पर दोषी अफसर को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि पीड़ितों की आवाज़ को दबाया जा रहा है।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
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