Home FOREST देलाखारी के जंगलों में सागौन की खुली लूट !

देलाखारी के जंगलों में सागौन की खुली लूट !

चारगांव बीट बना तस्करों का गढ़, डिप्टी रेंजर और वनरक्षक की भूमिका पर संदेह

छिंदवाड़ा (लगी क्या)। तामिया वन परिक्षेत्र देलाखारी के अंतर्गत चारगांव (बम्हनी) बीट इन दिनों सागौन तस्करों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। जंगल के भीतर जगह–जगह सागौन के अवैध ठूंठ इस बात की गवाही दे रहे हैं कि यहां लंबे समय से बेखौफ होकर कटाई की जा रही है, लेकिन वन विभाग कार्रवाई के नाम पर पूरी तरह मौन है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वन अपराधी बिना किसी डर के सागौन की तस्करी में लिप्त हैं। हैरानी की बात यह है कि परिक्षेत्र सहायक रामप्रसाद और चारगांव बीट के वनरक्षक राजेंद्र की भूमिका लगातार संदेह के घेरे में बनी हुई है। दो बार स्थानांतरण और पदोन्नति के बावजूद परिक्षेत्र सहायक का बम्हनी–चारगांव बीट से ‘मोह’ कम नहीं हो रहा, जिससे सवाल और गहरे होते जा रहे हैं।
यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी इसी बीट में कई बार सागौन की अवैध कटाई हो चुकी है। पहले भी सागौन से भरा एक ट्रैक्टर इसी क्षेत्र से पकड़ा जा चुका है, बावजूद इसके न तो स्थायी निगरानी व्यवस्था बनी और न ही जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई हुई।
सूत्र बताते हैं कि चारगांव बीट के वन रक्षक मुख्यालय में निवास न कर तामिया में रहकर निगरानी कर रहे हैं, जिससे जंगल की सुरक्षा पूरी तरह भगवान भरोसे है। इसी लापरवाही का नतीजा है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और चारगांव बीट सागौन चोरी का अड्डा बन चुका है।
जिले में पहले भी वन विभाग के कर्मचारी–अधिकारी सागौन तस्करी के मामलों में संदेह के घेरे में आ चुके हैं, लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। सवाल यह है कि क्या इस बार भी जंगल कटता रहेगा और विभाग सोता रहेगा ?

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

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