छात्रावास की छात्राओं का लगातार हो रहा है शोषण
छिंदवाड़ा -जनजाति कार्य विभाग के अधीन चलने वाले छात्रावास और आश्रम में रहने वाली छात्राओं का लगातार शोषण हो रहा है। यह बात हम नहीं छात्रावास की छात्राओं ने ही खुद अपनी जुबा से बयां करी है। छात्राओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि छात्रावास में रहने के दौरान उन्हें अधीक्षक के घर में भी चाकरी करना पड़ता है। ऐसा न करने पर अधीक्षक के गुस्से का भी सामना करना पड़ता है। जिस कारण मजबूरी बस उन्हें छात्रावास में रहने के एवज में अधीक्षक के घर चाकरी करते हुए, सारी सुविधाएं भी आसानी से मिल जाती हैं।
छात्रावास से जुड़े सूत्रों की माने तो यह मामला सर्वाधिक कन्या शिक्षा परिसर में बने कुछ छात्रावास में साफ तौर पर दिखाई देता है। जहां छात्राओं को छात्रावास में घर बुलाकर उनसे घरेलू काम करवाए जाने के साथ-साथ मेहमान आने पर उन्हें पानी, चाय तक छात्राओं के द्वारा पिलवाया जाता है। इसके अलावा अन्य घरेलू कार्य छात्राओं को करने के लिए मजबूर किया जाता है। छात्रावास के अधीक्षक के घर यह काम करने के बाद छात्राओं को हर तरह की सुविधा दी जाती है। जिसमें भरपूर भोजन के अलावा अन्य तरह की सुविधाओं के लिए खुली छूट तक शामिल है। ऐसा न करने पर अधीक्षकों का गुस्सा उन छात्रावास की छात्राओं पर फूट पड़ता है। और उन्हें लगातार किसी न किसी तरह से परेशान किया जाता है ताकि वे छात्रावास छोड़कर चली जाए।
अधीक्षकों का खोफ, डर के साए में रहती है छात्राएं
कन्या शिक्षा परिसर में करीब आधा दर्जन से अधिक छात्रावास हैं। इन छात्रावास में सैकड़ो की संख्या में छात्राएं दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र से आकर रहती हैं और अपनी पढ़ाई करती हैं। पढ़ाई करने आने वाली छात्राओं से अधीक्षकों के द्वारा घर के कार्य करवाए जाते हैं। साथी छुट्टी के दिनों पर इन छात्राओं को छात्रावास की साफ सफाई और दाना साफ करने की भी ड्यूटी लगा दी जाती है।
सालो से जमे अधीक्षकों पर मेहरबान सहायक आयुक्त –
विभागीय जानकारी की मानो तो जिले में ऐसे सैकड़ो छात्रावास और आश्रम है जहां पर सालों से अधीक्षक जमे हुए हैं। इन अधीक्षकों को हटाने विभाग के साहब की बड़ी मेहरबानी बनी हुई है। मेहरबानी भी ऐसी की अधीक्षकों द्वारा समय-समय पर साहब की सेवा भी कर दी जाती है। जिस कारण साहब ने इन्हें हटाने पर कभी कोई रुचि नहीं दिखाई।
जरा हट के…
रिपोर्ट…
प्रवीण काटकर
9424300567





