कंप्यूटर ऑपरेटर की धमकी से कांप उठा वन विभाग, घोटाले की आग में घिरे अफसर-कर्मचारी
छिंदवाड़ा (लगी क्या)। “हम डूबे तो सनम सब डूबेंगे”—यह कहावत इन दिनों वन विभाग के पश्चिम वन मंडल के सबसे चर्चित रेंज के एक कंप्यूटर ऑपरेटर पर पूरी तरह फिट बैठ रही है। विभाग के भीतर मची हलचल की वजह वही ऑपरेटर है, जिसने खुले शब्दों में चेतावनी दे दी है कि अगर कागजी कार्रवाई में मुझे फंसाया गया, तो मैं एक-एक कर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम उजागर कर दूंगा।
सूत्रों के मुताबिक, वन विभाग में सरकारी राशि परिजनों के खातों में डालने का मामला पहले ही सुर्खियों में आ चुका है। इतना ही नहीं, लाखों रुपये के गोलमाल का खुलासा भोपाल की कोषालय टीम कर चुकी है। इस घोटाले की जांच अब भी जारी है, लेकिन ऑपरेटर की धमकी ने विभाग के भीतर खलबली मचा दी है।
बताया जा रहा है कि वर्षों से चली आ रही फाइलों की बाजीगरी, एंट्री में हेरफेर और भुगतान के खेल में अकेला ऑपरेटर नहीं, बल्कि कई अफसर-कर्मचारी भी शामिल रहे हैं। अब जब शिकंजा कस रहा है, तो “सबको साथ ले डूबने” की भाषा ने पूरे महकमे को बेचैन कर दिया है।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह साफ होता जा रहा है कि मामला सिर्फ एक दो कर्मचारी तक सीमित नहीं, बल्कि यह पूरा वन विभाग ही आग की चपेट में है—और चिंगारी अब धमाके का रूप लेती दिख रही है।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
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