एक ही गांव से नौ नियुक्तियां, 50-50 हजार की बोली में बिक गई नौकरी !
छिंदवाड़ा (लगी क्या)। स्वास्थ्य विभाग में निकली आउटसोर्स भर्ती घोटाले की गंध देने लगी है। नियमों और पारदर्शिता को ताक पर रखकर की गई इस भर्ती में “पीछे के दरवाजे” से एंट्री का खेल खुलकर सामने आ गया है। परासिया विकासखंड के एक ही गांव मानकादेही से नौ लोगों की नियुक्ति होना महज संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित सौदेबाजी की ओर इशारा करता है।
सूत्रों के मुताबिक, इन नियुक्तियों के पीछे 50-50 हजार रुपये प्रति व्यक्ति का “चढ़ावा” चढ़ाया गया। चर्चा है कि यह रकम जिले में उभरते एक नेताजी तक पहुंचाई गई, जिनके इशारे पर पूरी सूची तैयार हुई। योग्यता, अनुभव और मेरिट को दरकिनार कर ऐसे नाम आगे बढ़ाए गए, जिनका चयन पहले ही “तय” था।
भर्ती प्रक्रिया में न तो समुचित जांच हुई, न ही दस्तावेजों का गंभीर परीक्षण। परिणामस्वरूप, काबिल उम्मीदवार बाहर रह गए और “सेटिंग” वाले अंदर पहुंच गए। सवाल यह है कि जब एक ही गांव से नौ लोग चुन लिए गए, तो बाकी क्षेत्रों के युवाओं के लिए यह भर्ती थी ही क्यों?
अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। क्या जिला प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा? या फिर यह फाइल भी बाकी घोटालों की तरह ठंडे बस्ते में दफन हो जाएगी?
जनता पूछ रही है…
क्या सरकारी नौकरी अब योग्यता से नहीं, चढ़ावे से मिलेगी?
और अगर यही सच है, तो बेरोजगार युवाओं के सपनों की कीमत आखिर कौन चुकाएगा?
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
9424300567





