Home FOREST कोषालय की रडार पर वन विभाग के 21 ‘खिलाड़ी’ !

कोषालय की रडार पर वन विभाग के 21 ‘खिलाड़ी’ !

घोटाले की आंच बढ़ी, डीएफओ से मांगी आपरेटरों की पूरी कुंडली

छिंदवाड़ा (लगी क्या)। वन्य प्राणियों के मुआवजे और अन्य वित्तीय मामलों में कथित गड़बड़ियों की जांच अब बड़े दायरे में पहुंचती नजर आ रही है। कोषालय की जांच टीम ने पश्चिम वन मंडल के डीएफओ को पत्र भेजकर लगभग 21 नामजद कर्मचारियों की पूरी जानकारी तलब की है। इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है और कई कर्मचारियों की नींद उड़ गई है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद कोषालय ने उनकी विस्तृत जानकारी मांगी है। इनमें समग्र आईडी, आधार कार्ड, बैंक खाते, पारिवारिक विवरण और सेवा संबंधी रिकॉर्ड शामिल हैं। माना जा रहा है कि जांच टीम वित्तीय लेन-देन और भुगतान प्रक्रिया की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।
गौरतलब है कि वन कर्मचारी शाहिद के खिलाफ पहले ही मुआवजा सहित अन्य मद की राशि में लाखों रुपये की अनियमितता का मामला सामने आ चुका है। प्रारंभिक जांच के बाद उसे निलंबित भी किया गया। लेकिन मामला सिर्फ एक कर्मचारी तक सीमित नहीं रहा। जांच की परतें खुलने के साथ कई अन्य नाम भी सामने आने लगे हैं।
विभागीय गलियारों में चर्चा है कि सावरी और परासिया रेंज से जुड़े कंप्यूटर ऑपरेटर जांच के घेरे में प्रमुखता से हैं। जिन्होंने रेंज अधिकारी के इशारे पर पूरा षडयंत्र रचा। इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस विभागीय कार्रवाई नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। कर्मचारियों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि आखिर किन कारणों से संदिग्ध नामों पर अब तक मेहरबानी बरती जा रही है।
कोषालय द्वारा 21 कर्मचारियों की पूरी “कुंडली” मांगने को जांच का बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि दस्तावेजों और बैंक खातों की जांच में कोई गड़बड़ी सामने आती है तो आने वाले दिनों में वन विभाग के कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

कही बचाने की साजिश तो नहीं …

जब जांच टीम को 21 कर्मचारी संदिग्ध नजर आ रहे हैं, तो फिर विभाग अब तक सिर्फ एक पर कार्रवाई कर बाकी लोगों पर इतनी नरमी क्यों बरत रहा है ? क्या जांच पूरी होने का इंतजार है या फिर किसी को बचाने की कोशिश ? आने वाले दिनों में यही सवाल सबसे बड़ा मुद्दा बनने वाला है।

परिजनों के खाते में सरकारी राशि –
विभागीय जानकारी के मुताबिक पश्चिमी वन मंडल में लाखों रुपए का घोटाला कोषालय की टीम द्वारा उजागर किया गया। इसके बाद टीम की रडार में विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर ब्रजेश, अमित, सतीश, गौरव, सत्येंद्र, राहुल, शाहिद सहित करीब 21 से अधिक कर्मचारी है। जिनकी पूरी जानकारी टीम के द्वारा मांगी गई है। टीम द्वारा गंभीरता से दस्तावेजों की जांच की गई तो यह घोटाला करोड़ों का सामने आ सकता है। जिसे वन कर्मियों ने अपने रेंज अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर अंजाम दिया है।

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

9424300567