इलाज और दवा के लिए घंटो करना पड़ता है इंतजार
छिंदवाड़ा -छिंदवाड़ा विकासखंड के तहत आने वाला पिंडरई के स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ अधिकारी और कर्मचारी बीएमओ की उदासीनता के चलते अपनी मनमर्जी से आते और चले जाते हैं। इसके साथ ही अधिकारियों की इच्छा पर ही अस्पताल खुलता और बंद होता है। मंगलवार को भी कुछ अधिकारी देरी से पहुंचे, तो वहीं दवा वितरण केंद्र में दवा लेने के लिए खड़े लोगों को घंटो तक कर्मचारी का इंतजार करना पड़ा। इस मामले में जब अधिकारी से चर्चा की गई तो उन्होंने यह कहकर टाल दिया की बस कर्मचारी आता ही होगा। आज थोड़ा लेट हो गया।
पिंडरई के स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ अधिकारी और कर्मचारी हमेशा ही अपने कार्यों को लेकर चर्चाओं में बने रहते हैं। मंगलवार को जब पिंडरई स्थित स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर कर्मचारियों की स्थिति जानी तो लोगों ने बेझिझक बताया कि यहां का स्टाफ 12 बजे के बाद पहुंचता है, और शाम होने से पहले ही घर लौट जाता है। जबकि शासन के निर्देश है कि सभी अधिकारी और कर्मचारियों को मुख्यालय में रहना है। लेकिन अधिकारी और कर्मचारी सभी छिंदवाड़ा से पिंडरई आना-जाना करते हैं। जिस कारण हमेशा ही देरी से पहुंचते हैं और जल्द ही अस्पताल से निकल जाते हैं। इसके अलावा स्थानीय ग्रामीणों ने यहां तक बताया कि पिंडरई की बीएमओ का किसी भी कर्मचारी पर कोई दबाव नहीं है।
घंटों इंतजार करते रहे मरीज –
पिंडरई के स्वास्थ्य केंद्र में चर्चा के दौरान मरीज ने बताया कि वे सुबह 10 बजे ही अस्पताल पहुंच गए थे। लेकिन 11.30 बजे तक कोई भी कर्मचारी नहीं आया। जिस कारण उन्हें घंटो तक दवा के लिए इंतजार करना पड़ा। आखिरकार इंतजार के बाद एक नर्स से विनती की गई। तब जाकर दवा वितरण किया गया। इसके अलावा मरीज के परिजनों ने यह भी बताया कि रोजाना 11 के बाद ही अस्पताल में हलचल शुरू होती है।
इनका कहना है।
पिंडरई स्वास्थ्य केंद्र की शिकायत मिली है। जिसको लेकर जांच करवाई जाएगी।
डॉक्टर एन के शास्त्री, सीएमएचओ, छिंदवाड़ा
जरा हट के…
रिपोर्ट…
प्रवीण काटकर
9424300567





