जानकर भी अनजान बन रहा है प्रशासनिक अमला
फलदार वृक्षों को काटकर बनाई जा रही है अवैध कॉलोनी
छिंदवाड़ा – गांगीवाड़ा के पहले मजार के समीप एक किसान द्वारा सालो पहले आम के सैकड़ो पौधे लगाए थे। जिसे सालों तक पाला गया और वह आम के बगीचे के रूप में हरे भरे पेड़ों का एक जंगल रूपी क्षेत्र भी तैयार हो गया। इस स्थान पर किसान ने सैकड़ो पेड़ लगाए, लेकिन फिर उस जमीन का सौदा किसी कॉलोनाइजर से हो गया । कॉलोनाइजर ने किस से उन पेड़ों को जड़ से साफ करने की शर्त रखी कि पहले वो उन हरे भरे पेड़ों की कटाई करें और उस जमीन पर अवैध कॉलोनी डेवलप की जा सके। जिस कारण सालों पहले लगाये गये आम के सैकड़ो हर-भरे पेड़ों को दिनदहाड़े ही काट दिया गया। वर्तमान में उसे जमीन में दिखने वाला आम का बगीचा कटे हुए पेड़ों और उसके ठूट के रूप में दिखाई दे रहा है।
इस मामले की जानकारी मिलने पर जब मौके पर जाकर देखा गया तो सैकड़ो पेड़ों के टूट और कटे हुए पेड़ दिखाई दे रहे हैं। जिसको लेकर शिकायतकर्ता के द्वारा बाकायदा इस मामले में वन विभाग राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों को भी इस बात की सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद भी ना तो वन विभाग के अधिकारियों ने ईश्वर ध्यान दिया और नहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया।
अवैध कॉलोनाइजारो के द्वारा लगातार कॉलोनिया डेवलप की जा रही है। और यह सब प्रशासनिक अधिकारियों की यहां के नीचे चल रहा है लेकिन इसके बाद भी अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। इसके साथ ही जंगल और जंगली जानवर की सुरक्षा करने वाले वन विभाग और राजस्व के अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्य के प्रति कितने सजग हैं इस बात का उदाहरण गांगीवाड़ा के समीप काटे गए सैकड़ो पेड़ों को देखकर लगाया जा सकता है जहां शिकायत किए जाने के बाद भी किसी भी वन विभाग और राजस्व के अधिकारी और कर्मचारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और ना ही जांच करने की सोचा भी।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
9424300567





