नौकरी वन विभाग में, जेबें भर रहे मजदूरी से, छिंदवाड़ा में सरकारी खजाने का खेल उजागर
वन विभाग में नौकरी, दूसरी रेंज में मजदूर बनकर डकार गए मजदूरी के लाखों
छिंदवाड़ा (लगी क्या)। वन की रखवाली का जिम्मा जिन कंधों पर था, वही कंधे अब सरकारी खजाने को चाटने में लगे हैं। छिंदवाड़ा वन विभाग में ऐसा ही एक चौंकाने वाला खेल सामने आया है, जहां वन कर्मचारी अपनी नियमित सरकारी नौकरी के बावजूद दूसरी रेंज में खुद को मजदूर बताकर वन कर्मी भाई के सहयोग से मजदूरी की रकम हजम करता चला आ रहा हैं।
सूत्रों के मुताबिक, ये कर्मचारी एक ही समय में सरकारी वेतन भी उठा रहा हैं और फर्जी नाम, हाजिरी के सहारे मजदूरी भुगतान भी लेता चला आ रहा हैं। यानी सरकार को दोहरी चोट, काम शून्य, भुगतान दोगुना !
मजदूरों के हक पर डाका-
जिन मजदूरों को जंगल संरक्षण, पौधरोपण और अन्य कार्यों की मजदूरी मिलनी थी, उनके हिस्से की रकम पर वन विभाग के ‘ दो भाई ‘ सेंध लगाते चले आ रहे है । फर्जी मस्टर रोल, मिलीभगत और कागजी खेल से लाखों रुपये का अब तक बंदरबांट किया जा चुका है।
अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल –
सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना रेंज अधिकारियों की जानकारी और सहमति के यह खेल संभव कैसे हुआ ? क्या सब कुछ जानबूझकर नजरअंदाज किया गया या फिर हिस्सेदारी ऊपर तक बटी हुई है ?
सरकार की साख दांव पर –
वन विभाग पहले ही अवैध कटाई और तस्करी के आरोपों से घिरा है, अब मजदूरी ओर अपने परिजनों के खाते में सरकारी पैसा डाल, घोटाले ने विभाग की साख को और कठघरे में खड़ा कर दिया है।
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
9424300567





