3 लाख की मजदूरी पर डाका, गड्ढों में दफन भुगतान, जनसुनवाई में पहुंचे मजदूर
छिंदवाड़ा (लगी क्या)। जिले के वन विभाग पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगे हैं। मामला छिंदवाड़ा के जामई रेंज के चुगनी चौगान बीट का है, जहां पौधारोपण कार्य में लगे मजदूरों ने तीन लाख रुपए से अधिक की मजदूरी रोकने का आरोप लगाया है। पीड़ित मजदूरों का कहना है कि वन अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से उनकी मेहनत की कमाई डकार ली गई।
कटनी से बुलाए गए 25 से अधिक मजदूरों ने बताया कि उन्होंने 1800 से ज्यादा गड्ढे खोदने का कार्य किया। तय हुआ था कि प्रति गड्ढा 18 रुपए दिए जाएंगे, लेकिन अब भुगतान के समय कर्मचारियों द्वारा 12 रुपए प्रति गड्ढा देने की बात कही जा रही है, जबकि बिल 18 रुपए के हिसाब से बनाया गया है। ऐसे में साफ है कि हर गड्ढे पर 6 रुपए का खेल खेला जा रहा है।
हर गड्ढे पर ‘कट’ का खेल !
मजदूर सोनू लोनी, रामगोपाल, रामसुजान और धनिया बाई ने आरोप लगाया कि काम पूरा होने के बाद उन्हें आश्वासन दिया गया था कि 10 दिनों में भुगतान कर दिया जाएगा। महीनों बीतने के बाद भी न तो पूरा पैसा मिला और न ही स्पष्ट जवाब। सवाल यह उठता है कि जब बिल 18 रुपए प्रति गड्ढे का बना है तो मजदूरों को 12 रुपए क्यों?
यदि 1800 गड्ढों पर 6 रुपए की कटौती की जाए तो बड़ी रकम बनती है। वहीं कुल मजदूरी तीन लाख से अधिक बताई जा रही है, जो अब तक अटकी हुई है।
अधिकारियों की चुप्पी, मजदूरों में आक्रोश स्थानीय वन कर्मचारियों पर सीधे तौर पर गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी अब तक चुप्पी साधे हुए हैं। मजदूरों का कहना है कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ तो वे उच्च स्तर पर शिकायत करने को मजबूर होंगे।
अब देखना यह होगा कि वन विभाग इस मामले में जांच बैठाता है या फिर मजदूरों की मेहनत यूं ही फाइलों में दफन होती रहेगी।
नगद के नाम पर खेल –
वन विभाग में कर्मचारियों के द्वारा नगद भुगतान को लेकर बड़ा खेल खेला जा रहा है। जहां नियम के मुताबिक मजदूरों के अलावा अन्य भुगतान की राशि उनके खाते में दिया जाना चाहिए लेकिन कर्मचारियों के द्वारा राशि में हेर फेर करने के लिए नगद भुगतान किया जा रहा है। यह भुगतान अधिकारियों की मिली भगत से कर्मचारियों के द्वारा किया जा रहा है।
इनका कहना है।
चुगनी चौगान बीट में गड्ढे की खुदाई मजदूरों के द्वारा की गई, जिसमें मजदूरों से 12 रु प्रति गड्ढे की बात हुई है। फिलहाल बाउचर डिवीजन कार्यालय में अटके हुए हैं। कुछ पेमेंट नगद कर दिया गया है।
उर्मिला उइके, नाकेदार, जामई रेंज
जरा हट के…
प्रवीण काटकर
9424300567





