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वनरक्षक का खेल!

डिस्मेंटल भवन की लकड़ी में गोलमाल, दो ट्रॉली सागौन गायब

रेंजर निवास से निकली लकड़ी पर सवाल, एक ट्रॉली पहुंची तो दूसरी कहां गई ? 11 चौखट बनने की बात से बढ़ा शक

छिंदवाड़ा (लगी क्या)। वन विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कार्यालय वन परिक्षेत्र अधिकारी उत्पादन बिछुआ के अंतर्गत रेंजर के पुराने निवास को डिस्मेंटल किया गया। सरकारी भवन से सामग्री निकली, लेकिन इस दौरान भवन में उपयोग हुई सागौन लकड़ी को लेकर बड़ा खेल सामने आ गया है। जानकारी के मुताबिक डिस्मेंटल के दौरान करीब दो ट्रॉली सागौन लकड़ी निकली थी। नगर में पहुंचने के बाद फर्नीचर से जुड़े एक व्यक्ति, सिर्फ एक ट्रॉली सागौन लकड़ी आने की बात कह रहे है। ऐसे में दूसरी ट्रॉली आखिर कहां गई, यह बड़ा सवाल बन गया है।
मामले में जब संबंधित लोगों से बातचीत की गई तो पहले दो ट्रॉली लकड़ी निकलने की बात सामने आई, लेकिन बाद में बयान बदलते हुए कहा गया कि सिर्फ एक ट्रॉली लकड़ी आई थी। इतना ही नहीं, इसी लकड़ी से 11 चौखट बनाए जाने की बात भी सामने आई है। अब सवाल उठ रहा है कि ये 11 चौखट आखिर कहां हैं ? क्या ये वनरक्षक के घर पहुंचीं या फिर कार्यालय में इस्तेमाल हुईं ? लकड़ी के हिसाब-किताब में इस तरह का विरोधाभास पूरे मामले को संदिग्ध बना रहा है। विभागीय रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर होने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और सरकारी संपत्ति में किसी भी तरह की हेराफेरी उजागर हो सके।
सरकारी सागौन का हिसाब गड़बड़-

अब देखना यह है कि विभाग जांच करता है या मामला फाइलों में ही दबा दिया जाएगा। जानकारों की माने तो सारा खेल अधिकारी की शह पर चर्चित वनरक्षक ने खेला और सागौन लकड़ी सहित अन्य सामग्री को बगैर किसी के डर के ठिकाने लगा दिया गया।

जरा हट के…

प्रवीण काटकर

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